सीएसआईआर-सीडीआरआई के सहयोग से आयुष क्षेत्र के उद्योगों को मिलेगी नई दिशा : रितेश
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सरोजनीनगर-लखनऊ। सरोजनीनगर औद्योगिक क्षेत्र में सीएसआईआर–सेंट्रल ड्रग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीडीआरआई) और स्मॉल इंडस्ट्रीज मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (एसआईएमए) के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में फार्मास्यूटिकल्स एवं आयुष दवाओं से जुड़े एमएसएमई उद्योगों के विकास को लेकर व्यापक चर्चा की गई। सीएसआईआर-सीडीआरआई की ओर से सात वैज्ञानिकों की टीम ने बैठक में हिस्सा लिया, जिसमें डॉ. अतुल गोयल, डॉ. कौशिक भट्टाचार्जी सहित अन्य वैज्ञानिक मौजूद रहे। वहीं एसआईएमए का प्रतिनिधित्व महासचिव रितेश श्रीवास्तव ने किया। बैठक में दोनों संस्थानों के बीच तकनीकी सहयोग, शोध, गुणवत्ता परीक्षण और नवाचार के क्षेत्रों में साझेदारी को लेकर सहमति बनी।
एसआईएमए महासचिव रितेश श्रीवास्तव ने कहा कि सीएसआईआर-सीडीआरआई के सहयोग से आयुष और फार्मा क्षेत्र के एमएसएमई उद्योगों को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि सीडीआरआई की वैज्ञानिक विशेषज्ञता और आधुनिक प्रयोगशालाओं का लाभ लेकर उद्योग अपने उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार कर सकेंगे और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप खुद को मजबूत बना सकेंगे। बैठक में यह भी तय हुआ कि सीएसआईआर-सीडीआरआई एमएसएमई इकाइयों को दवाओं एवं कच्चे माल के परीक्षण, गुणवत्ता नियंत्रण, अनुसंधान सहयोग तथा तकनीकी समस्याओं के समाधान में मार्गदर्शन देगा। इससे आयुष और फार्मा उद्योगों को न केवल अपने उत्पादों की विश्वसनीयता बढ़ाने में मदद मिलेगी, बल्कि वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता भी विकसित होगी। इस अवसर पर श्री शैलेंद्र पी. रघु, श्री संजीव गुप्ता और श्री नीलमणि वाष्णेय भी उपस्थित रहे। बैठक के अंत में दोनों पक्षों ने आपसी समन्वय को मजबूत करने और आयुष व फार्मास्यूटिकल्स क्षेत्र के एमएसएमई उद्योगों के समग्र विकास के लिए संयुक्त रूप से कार्य करने का संकल्प लिया।
