राष्ट्रीय पुलिस स्मारक में सीआईएसएफ ने अपने शूरवीरों को किया नमन

Oct 28, 2025 - 18:41
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राष्ट्रीय पुलिस स्मारक में सीआईएसएफ ने अपने शूरवीरों को किया नमन

कर्तव्य पथ पर सर्वोच्च बलिदान देने वाले 127 वीरों को श्रद्धांजलि, परिजनों का हुआ सम्मान

नई दिल्ली। कर्तव्य पथ पर देश की सेवा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शूरवीरों की स्मृति में केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने 23 अक्टूबर 2025 को राष्ट्रीय पुलिस स्मारक (एनपीएम), चाणक्यपुरी, नई दिल्ली में एक भव्य स्मृति समारोह का आयोजन किया। इस आयोजन का उद्देश्य उन वीर जवानों के साहस, कर्तव्यनिष्ठा और देशभक्ति को नमन करना था जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति दी।
      समारोह में सीआईएसएफ के 127 शूरवीरों को पुष्पांजलि अर्पित की गई और उनके बलिदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया। इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों से पाँच शूरवीरों के परिवारों को विशेष रूप से आमंत्रित कर सम्मानित किया गया। इनमें प्रधान आरक्षक/जीडी बी. बी. मांझी (ओडिशा), आरक्षक/जीडी पोटुपुरेड्डी अप्पन्ना (आंध्र प्रदेश), सहायक उप निरीक्षक/का. राजेंद्र प्रसाद (राजस्थान), प्रधान आरक्षक/जीडी अखिलेश्वर पी. यादव (बिहार) और प्रधान आरक्षक/जीडी एस. डी. पाटिल (महाराष्ट्र) शामिल रहे।


          सीआईएसएफ की अपर महानिदेशक (एपीएस) बिनीता ठाकुर ने वरिष्ठ अधिकारियों और बल के कर्मियों के साथ राष्ट्रीय पुलिस स्मारक की केंद्रीय शिल्पाकृति पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान शूरवीरों के परिजनों ने ‘शौर्य दीवार’ (Wall of Valour) और पुलिस संग्रहालय का भ्रमण किया। उन्हें सीआईएसएफ के वीर जवानों के पराक्रम और बलिदान पर आधारित एक विशेष वृत्तचित्र भी दिखाया गया, जिसमें बल के इतिहास और कर्तव्य के प्रति समर्पण की झलक प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम के दौरान परिजनों को यह अनुभव कराया गया कि उनके परिजन केवल उनके परिवारों के नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के गौरव हैं।

सीआईएसएफ महानिदेशक प्रवीर रंजन ने सीआईएसएफ मुख्यालय में आयोजित स्मृति समारोह की अध्यक्षता की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि बल के ये शूरवीर राष्ट्र की सुरक्षा और जनसेवा के प्रतीक हैं, जिन्होंने अपने कर्तव्य पालन में कभी पीछे नहीं हटे। महानिदेशक ने शूरवीरों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना और कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि सीआईएसएफ उनके त्याग और वीरता को सदैव स्मरण रखेगा। उन्होंने बल की ओर से यह आश्वासन भी दिया कि सीआईएसएफ अपने वीरों के परिवारों के साथ हर परिस्थिति में मजबूती से खड़ा रहेगा। 

कार्यक्रम का समापन ओपन-एयर फिल्म स्क्रीनिंग, रिट्रीट समारोह और सीआईएसएफ बैंड की शानदार प्रस्तुति से हुआ। पूरे आयोजन स्थल पर श्रद्धा, गौरव और देशभक्ति का भावनात्मक वातावरण बना रहा। दिल्ली-एनसीआर स्थित सीआईएसएफ इकाइयों के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मी और लगभग दो सौ परिवार इस अवसर के साक्षी बने। सीआईएसएफ की स्थापना वर्ष 1969 में की गई थी और वर्तमान में यह देश के औद्योगिक प्रतिष्ठानों, हवाई अड्डों, मेट्रो रेल, सरकारी भवनों और संवेदनशील स्थलों की सुरक्षा का दायित्व निभा रही है। यह बल अपने अनुशासन, दक्षता और समर्पण के लिए जाना जाता है तथा देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था में इसकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।