भाखड़ा बांध परियोजना की सुरक्षा अब सीआईएसएफ के हवाले

Oct 28, 2025 - 18:56
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भाखड़ा बांध परियोजना की सुरक्षा अब सीआईएसएफ के हवाले

देश की प्रमुख जलविद्युत परियोजना को मिला केंद्रीय सुरक्षा बल का कवच, 296 सशस्त्र जवान संभालेंगे पहरा  

नंगल (पंजाब), 22 अक्टूबर। भारत की सबसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संपदाओं में शामिल भाखड़ा बांध परियोजना की सुरक्षा अब आधिकारिक रूप से केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के हाथों में आ गई है। पंजाब और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर स्थित इस परियोजना की सुरक्षा ज़िम्मेदारी सीआईएसएफ ने एक औपचारिक समारोह में संभाल ली। सीआईएसएफ यूनिट बीडीपी नंगल का अधिष्ठापन समारोह 22 अक्टूबर 2025 को एक गरिमामय कार्यक्रम में आयोजित किया गया। यह समारोह भाखड़ा बांध परियोजना (बीडीपी), नंगल में सीआईएसएफ की तैनाती की औपचारिक शुरुआत का प्रतीक बना।


                    इस अवसर पर नवज्योति गोगोई, महानिरीक्षक सीआईएसएफ (उत्तरी खंड), एम.के. यादव, उप महानिरीक्षक सीआईएसएफ (उत्तरी क्षेत्र-II), मनोज त्रिपाठी, अध्यक्ष भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) तथा यूनिट कमांडर प्रतीक रघुवंशी, कमांडेंट सीआईएसएफ यूनिट बीडीपी नंगल, सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस समारोह में राज्य पुलिस बल से सीआईएसएफ को सुरक्षा का औपचारिक हस्तांतरण किया गया, जिससे यह परियोजना अब पूर्ण रूप से केंद्रीय सुरक्षा बल के नियंत्रण में आ गई है।

भाखड़ा बांध, हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में सतलुज नदी पर बना एक विशाल कंक्रीट गुरुत्वाकर्षण बांध है। यह 226 मीटर ऊँचा और 518 मीटर लंबा है, जो इसे एशिया के सबसे ऊँचे बांधों में शामिल करता है। इस बांध से बना गोबिंद सागर जलाशय लगभग 168 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है और 9.34 बिलियन क्यूबिक मीटर पानी संग्रहीत कर सकता है — जो भारत का तीसरा सबसे बड़ा जलाशय है। यह परियोजना पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश के बड़े हिस्सों को सिंचाई, पेयजल और जलविद्युत आपूर्ति प्रदान करती है। अब तक बांध की सुरक्षा संबंधित राज्यों की पुलिस के जिम्मे थी, जिसकी निगरानी बीबीएमबी करती थी। मगर बदलते सुरक्षा परिदृश्य, तोड़फोड़ और आतंकवादी खतरों के मद्देनज़र केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मई 2025 में 296 सशस्त्र सीआईएसएफ जवानों की एक समर्पित यूनिट की तैनाती को मंजूरी दी थी।

                  यह तैनाती बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021 के तहत की गई है, जिसके अनुसार देश के प्रमुख बांधों की सुरक्षा के लिए केंद्रीय बल की नियुक्ति अनिवार्य है। सीआईएसएफ अब भाखड़ा बांध की दीवारों, जल द्वारों, बिजलीघरों, टरबाइन क्षेत्रों तथा प्रवेश द्वारों सहित सभी संवेदनशील हिस्सों की सुरक्षा का जिम्मा संभालेगी। राज्य पुलिस बल अब सहायक भूमिका में रहकर सीआईएसएफ को समन्वयात्मक सहयोग प्रदान करेगा। सीआईएसएफ की यह तैनाती न केवल राष्ट्रीय संपदा की सुरक्षा को एक नई मजबूती देगी, बल्कि यह देश की महत्वपूर्ण अवसंरचना की सुरक्षा नीति में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर भी साबित होगी।