खेती के साथ व्यापार अपनाकर ही किसान कर सकते हैं आर्थिक तरक्की : डॉ. प्रदीप सिंह चौहान
सरोजनीनगर, संवाददाता। अखिल भारतीय किसान संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. प्रदीप सिंह चौहान ने कहा कि वर्तमान समय में केवल खेती के भरोसे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं हो सकती। किसानों को अपनी आय बढ़ाने के लिए खेती के साथ-साथ व्यापार, कृषि आधारित उद्योग और अन्य रोजगारपरक गतिविधियों को भी अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि बदलते दौर में कृषि को लाभकारी बनाने के लिए किसानों को आधुनिक तकनीक और वैकल्पिक आय के स्रोतों की ओर ध्यान देना चाहिए।
डॉ. चौहान बुधवार को सरोजनीनगर क्षेत्र के हरौनी में अखिल भारतीय किसान संघ द्वारा आयोजित किसान बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ किसान हैं, लेकिन लंबे समय से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में किसान संगठित होकर अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और नई संभावनाओं की तलाश करें।बैठक में अखिल भारतीय किसान संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकेश शर्मा ने कहा कि किसान अपनी उपज का मूल्य तय करने में सक्षम है और उसे उसकी मेहनत का पूरा दाम मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और दिल्ली की सत्ता का रास्ता भी यहीं से होकर गुजरता है। इसलिए किसानों की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने किसानों से एकजुट रहने और अपने अधिकारों के लिए सजग रहने का आह्वान किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद एसीपी कृष्णानगर रजनीश वर्मा ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि क्षेत्र में प्रस्तावित लिंक रोड एवं अन्य विकास परियोजनाएं आम जनता और किसानों के हित में हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे किसी के बहकावे में न आएं तथा विकास कार्यों में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण से क्षेत्र में आवागमन की सुविधा बढ़ेगी, व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा।
तहसीलदार सुखबीर सिंह ने किसानों को भूमि अधिग्रहण और मुआवजा प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया कि प्रस्तावित लिंक एक्सप्रेस परियोजना में करीब 25 गांव शामिल हैं। प्रभावित किसानों को भूमि के बदले 65 से 70 लाख रुपये प्रति बीघा तक का मुआवजा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद मुआवजे की राशि 48 घंटे के भीतर किसानों के बैंक खातों में भेज दी जाती है। इसके अतिरिक्त किसानों को खेतों में लगे पेड़ों, बोरिंग, मकानों एवं अन्य निर्माण कार्यों का अलग से निर्धारित मानकों के अनुसार मुआवजा भी प्रदान किया जाएगा। इससे पूर्व किसान संघ के प्रदेश महामंत्री एवं ब्लॉक प्रमुख सुनील कुमार रावत ने सभी अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया तथा संगठन की गतिविधियों और किसानों से जुड़े मुद्दों पर प्रकाश डाला। बैठक की अध्यक्षता पूर्व पार्षद राधे लाल यादव ने की। कार्यक्रम में आयोजक राजेश सिंह चौहान और अनिकेत सिंह चौहान सहित लाल सिंह राठौर, पवन सिंह, अमित तिवारी, सभासद राहुल रावत, अजीत सिंह, नीरज तिवारी तथा बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। बैठक के दौरान किसानों ने भूमि अधिग्रहण, मुआवजा, सिंचाई, फसल मूल्य और ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी चर्चा की। अंत में किसान हितों की रक्षा और क्षेत्र के विकास के लिए सभी पक्षों के बीच संवाद बनाए रखने पर जोर दिया गया।
