सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं का प्रतीक है दंगल : शंकरी
हरतालिका तीज पर बनी गांव में हुआ पौराणिक विशाल इनामी दंगल, कई राज्यों के पहलवानों ने दिखाया दमखम
सरोजनीनगर, संवाददाता। बंथरा क्षेत्र के बनी गांव स्थित श्री रेतेश्वर महादेव धाम में सोमवार को हरतालिका तीज के पावन अवसर पर हर वर्ष की तरह पौराणिक विशाल इनामी दंगल प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। दंगल में उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों से आए पहलवानों ने अखाड़े में अपना दमखम दिखाया। मुकाबले देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण उमड़े।
दंगल में मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ भाजपा नेता एवं समाजसेवी शिव शंकर सिंह ‘शंकरी’ शामिल हुए। उन्होंने पहलवानों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि दंगल केवल कुश्ती का मुकाबला नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं का प्रतीक है। अखाड़े की मिट्टी युवाओं को अनुशासन, संस्कार और संघर्ष की प्रेरणा देती है। यही मिट्टी एक पहलवान को मजबूत बनाकर योद्धा तैयार करती है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और अखाड़ों से जुड़कर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। कहा कि युवाओं को अपनी परंपरा और संस्कृति से जोड़ना समाज की जिम्मेदारी है। ऐसे आयोजनों से ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। दंगल में मल्लावां, हरदोई के पहलवान रामपाल मिश्रा और दतिया, मध्य प्रदेश के पहलवान राममूर्ति को संयुक्त रूप से ‘दंगल केसरी’ का खिताब दिया गया। प्रतियोगिता में झांसी, उन्नाव, कानपुर, फतेहपुर, अयोध्या, बाराबंकी, गाजियाबाद, चंदौली, हाथरस समेत हरियाणा और दिल्ली से आए पहलवानों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर ग्राम प्रधान रमेश कुमार गुप्ता, पूर्व प्रधान राकेश सिंह, पूर्व प्रधान जगनायक सिंह, भाजपा नेता विनय दीक्षित, शिव नारायण सिंह, अखिल भारतीय पाल महासभा के अध्यक्ष सज्जन पाल, लकी कपूर, विकास सिंह समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
