रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर नया टैरिफ नहीं:ट्रम्प बोले- भारत पर 25% एक्स्ट्रा टैरिफ से रूस पहले ही बड़ा ग्राहक खो चुका

Aug 17, 2025 - 17:31
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रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर नया टैरिफ नहीं:ट्रम्प बोले- भारत पर 25% एक्स्ट्रा टैरिफ से रूस पहले ही बड़ा ग्राहक खो चुका
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने शुक्रवार को कहा कि रूस ने अपने बड़े तेल ग्राहकों में से एक भारत को खो दिया है। उन्होंने यह दावा उस समय किया जब अमेरिका, भारत पर रूसी तेल खरीद को लेकर 25% एक्स्ट्रा जुर्माना लगाने का ऐलान कर चुका है। हालांकि फॉक्स न्यूज के साथ इंटरव्यू में ट्रम्प ने यह भी कहा कि वह रूस से तेल खरीदने वाले बाकी देशों पर अभी ऐसे अतिरिक्त शुल्क लगाने का इरादा नहीं रखते। ट्रम्प ने कहा, "मुझे इसके (टैरिफ के) बारे में दो या तीन हफ्ते में सोचना पड़ सकता है, लेकिन हमें इसके बारे में तुरंत सोचने की जरूरत नहीं है।" भारत पर अमेरिका ने कुल 50% टैरिफ लगाया दरअसल, ट्रम्प ने भारत पर रूस से तेल और हथियार खरीदने के लिए 6 अगस्त को 25% एक्स्ट्रा टैरिफ लगाया था। 27 अगस्त से लागू होगा। इसके बाद भारत पर कुल टैरिफ 50% हो जाएगा। हालांकि, भारत साफ कर चुका है कि ट्रम्प की धमकियों के बाद रूसी तेल खरीदारी में कोई रोक नहीं लगी है। वही, ट्रम्प-पुतिन ने अलास्का में शुक्रवार (15 अगस्त) देर रात यूक्रेन जंग पर बातचीत की। भारत ने इस कदम का स्वागत किया है। विदेश मंत्रालय ने कहा- दुनिया रूस-यूक्रेन जंग खत्म होते देखना चाहती है। ट्रम्प-पुतिन के बीच कोई डील नहीं हुई पुतिन और ट्रम्प ने शुक्रवार देर रात अलास्का में मुलाकात की। उनके बीच यूक्रेन जंग खत्म करने पर करीब 3 घंटे मीटिंग हुई। इसके बाद दोनों नेताओं ने सिर्फ 12 मिनट की जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों के किसी सवाल का जवाब नहीं दिया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रम्प ने कहा कि हमारी बैठक बहुत सकारात्मक रही। हमने कई बिंदुओं पर सहमति जताई, लेकिन कोई डील नहीं हुई। कोई समझौता तभी होगा, जब वह अंतिम रूप लेगा। ट्रम्प ने इस बैठक को 10 में से 10 अंक दिए। वहीं, पुतिन ने कहा कि उनके लिए रूस की सुरक्षा सबसे जरूरी है। उन्होंने अगली मीटिंग मॉस्को में करने का सुझाव दिया। अपनी बात कहने के बाद दोनों नेता मंच से तुरंत चले गए। भारत ने ट्रम्प-पुतिन के बीच बातचीत का स्वागत किया भारत ने शनिवार को ट्रम्प और पुतिन के बीच अलास्का में बैठक का स्वागत किया। इसे सराहनीय कदम बताया। विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर यूक्रेन संघर्ष को सुलझाने के लिए कूटनीति के महत्व पर भी जोर दिया। बयान में आगे कहा गया, 'भारत समिट में हुई प्रगति की सराहना करता है। आगे का रास्ता बातचीत और कूटनीति से ही निकल सकता है। दुनिया यूक्रेन में संघर्ष का जल्द अंत देखना चाहती है।' अमेरिकी वित्त मंत्री ने भारत पर एक्स्ट्रा टैरिफ की धमकी दी थी ट्रम्प-पुतिन की बातचीत से पहले अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने भारत पर एक्स्ट्रा टैरिफ लगाने की धमकी दी थी। ब्लूमबर्ग से बात करते हुए उन्होंने कहा था- ये टैरिफ शुक्रवार को अलास्का में होने वाली अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प और रूसी राष्ट्रपति पुतिन की मुलाकात के नतीजे पर निर्भर करेगा। इससे पहले ट्रम्प ने भी 13 अगस्त को चेतावनी दी थी कि अगर मॉस्को शांति समझौते पर सहमत नहीं हुआ तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। एक अलग इंटरव्यू में फॉक्स न्यूज से बात करते हुए स्कॉट बेसेंट ने कहा कि व्यापार को लेकर बातचीत में भारत का कुछ ज्यादा अड़ियल रुख रहा है। इस महीने की शुरुआत में बातचीत तब रुक गई थी, जब ट्रम्प ने भारत के रूस से व्यापार और अन्य मतभेदों पर चर्चा आगे बढ़ाने से मना कर दिया था। भारत रूसी तेल का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार भारत, चीन के बाद रूसी तेल का सबसे बड़ा खरीदार है। यूक्रेन युद्ध से पहले भारत रूस से सिर्फ 0.2% (68 हजार बैरल प्रतिदिन) तेल इम्पोर्ट करता था। मई 2023 तक यह बढ़कर 45% (20 लाख बैरल प्रतिदिन) हो गया, जबकि 2025 में जनवरी से जुलाई तक भारत हर दिन रूस से 17.8 लाख बैरल तेल खरीद रहा है। पिछले दो साल से भारत हर साल 130 अरब डॉलर (11.33 लाख करोड़ रुपए) से ज्यादा का रूसी तेल खरीद रहा है। ट्रम्प ने भारत पर कुल 50% टैरिफ लगाया अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने भारत पर 6 अगस्त को 25% एक्स्ट्रा टैरिफ लगाने का ऐलान किया था। उन्होंने इससे जुड़े एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किए। यह आदेश 27 अगस्त से लागू होगा। एग्जीक्यूटिव ऑर्डर में कहा गया है कि रूसी तेल खरीद की वजह से भारत पर यह एक्शन लिया गया है। इससे पहले उन्होंने 30 जुलाई को भारत पर 25% टैरिफ का ऐलान किया था। अब भारत पर कुल 50% टैरिफ लगेगा। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस कार्रवाई को गलत बताया है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अब इसके जवाब में भारत भी चुनिंदा अमेरिकी प्रोडक्ट्स पर 50% तक टैरिफ लगाने पर विचार कर रहा है। अगर ऐसा होता है, तो यह अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प के टैरिफ पर भारत का पहला औपचारिक पलटवार होगा। ------------------------------------- ट्रम्प से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें... ट्रम्प-पुतिन के बीच 3 घंटे बैठक, कोई डील नहीं हुई:दोनों 12 मिनट प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रवाना हुए; 18 अगस्त को जेलेंस्की अमेरिका जाएंगे रूसी राष्ट्रपति पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने शुक्रवार देर रात अलास्का में मुलाकात की। उनके बीच यूक्रेन जंग खत्म करने पर करीब 3 घंटे मीटिंग हुई। इसके बाद दोनों नेताओं ने सिर्फ 12 मिनट की जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों के किसी सवाल का जवाब नहीं दिया। पूरी खबर यहां पढ़ें...