आदि शंकराचार्य जयंती पर आत्मज्ञान व युवा जागरण पर जोर
आशियाना में विचार गोष्ठी, वक्ताओं ने आध्यात्मिक चेतना के प्रसार पर दिया बल
लखनऊ, संवाददाता। वैशाख शुक्ल पंचमी के पावन अवसर पर आदि शंकराचार्यं के प्राकट्य दिवस के उपलक्ष्य में आशियाना क्षेत्र में आदि शंकराचार्य विचार मंच द्वारा भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बुद्धिजीवी, सामाजिक कार्यकर्ता और युवाओं ने भाग लिया। वक्ताओं ने आचार्य शंकर के अद्वैत वेदांत दर्शन, आत्मज्ञान और सांस्कृतिक मूल्यों की प्रासंगिकता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं आदि शंकराचार्य के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। इसके बाद मुख्य वक्ता के रूप में ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के चेयरमैन शैलेन्द्र दुबे ने अपने संबोधन में कहा कि आचार्य शंकर ने अल्पायु में ही भारत को सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रूप से एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि आज का समाज भौतिकता की दौड़ में उलझकर मानसिक तनाव और असंतोष का शिकार हो रहा है, जबकि आत्मज्ञान ही वास्तविक सुख और शांति का मार्ग है। उन्होंने आगे कहा कि हर व्यक्ति के भीतर एक चैतन्य सत्ता विद्यमान है और उसी की पहचान कर जीवन को सार्थक बनाया जा सकता है। आचार्य शंकर का अद्वैत सिद्धांत “ब्रह्म सत्यं जगत मिथ्या” आज भी उतना ही प्रासंगिक है, जितना उनके समय में था। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं को समझें और अपने जीवन में अपनाएं। मंच की महामंत्री रीना त्रिपाठी ने अपने संबोधन में कहा कि युवा पीढ़ी को सही दिशा देने के लिए आचार्य शंकर के विचारों का प्रचार-प्रसार अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि मंच द्वारा आगामी एक सप्ताह तक विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम, संगोष्ठियां और संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनके माध्यम से युवाओं को आत्मज्ञान, नैतिक मूल्यों और भारतीय संस्कृति से जोड़ा जाएगा। कार्यक्रम में वक्ताओं ने यह भी कहा कि वर्तमान समय में समाज को जोड़ने और सकारात्मक सोच विकसित करने के लिए आध्यात्मिकता का प्रसार जरूरी है। आचार्य शंकर का जीवन त्याग, ज्ञान और समर्पण का उदाहरण है, जिससे आज की पीढ़ी को प्रेरणा लेनी चाहिए। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित जनों ने आदि शंकराचार्य को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। इस अवसर पर अरुण कुमार श्रीवास्तव, प्रीति, ऊषा त्रिपाठी, सपना तिवारी, सरोज मिश्र, अनिल सिंह, रमेश शुक्ल और प्रेम कुमार सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
