बलिदान की स्मृति ही स्वतंत्रता की चेतना : डॉ. राजेश्वर सिंह

Oct 4, 2025 - 16:52
Oct 4, 2025 - 16:58
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बलिदान की स्मृति ही स्वतंत्रता की चेतना : डॉ. राजेश्वर सिंह

युवाओं से आह्वान – राष्ट्र के प्रति समर्पण ही सच्ची देशभक्ति है

सरोजनीनगर विधायक ने किया शहीद हेमू कालाणी की प्रतिमा का अनावरण

युवाओं से राष्ट्र के प्रति समर्पण का आह्वान

अंकुर राज किशोर पासी

लखनऊ। सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने शनिवार को एलडीए कॉलोनी, कानपुर रोड स्थित स्प्रिंगडेल चौराहा पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अमर शहीद हेमू कालाणी की भव्य कांस्य प्रतिमा का अनावरण किया। अब यह चौराहा “शहीद हेमू कालाणी चौक” के नाम से जाना जाएगा। लोकबंधु चिकित्सालय के समीप स्थित इस चौराहे का सौंदर्यीकरण भी विधायक निधि से कराया गया है। अनावरण समारोह में क्षेत्र के नागरिकों, समाजसेवियों और युवाओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। पूरे कार्यक्रम स्थल पर “भारत माता की जय” और “हेमू कालाणी अमर रहें” के उद्घोष गूंजते रहे।

       

 कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि वीरता और बलिदान हमारे राष्ट्रीय चरित्र की आधारशिला हैं। सिंध के गौरव, हेमू कालाणी ने मात्र 19 वर्ष की आयु में अंग्रेजी शासन के विरुद्ध विद्रोह कर अपने प्राणों की आहुति दी। उन्होंने अंग्रेजों की हथियारों से भरी ट्रेन को रोकने के लिए रेल पटरी उखाड़ने का साहसिक प्रयास किया था। गिरफ्तारी के बाद उन्होंने कठोर यातनाएँ सही, पर साथियों के नाम उजागर नहीं किए और 21 जनवरी 1943 को फांसी पर चढ़ गए। डॉ. सिंह ने कहा कि आज का दिन केवल श्रद्धांजलि का नहीं, बल्कि आत्ममंथन का भी है। खुदीराम बोस, भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव जैसे युवाओं ने 18 से 23 वर्ष की आयु में हंसते-हंसते फांसी का फंदा स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि भारत कभी विश्व की 23 प्रतिशत अर्थव्यवस्था रखता था, पर 800 वर्षों की गुलामी ने हमें 2 प्रतिशत पर पहुँचा दिया। जब-जब हम विभाजित हुए, तब-तब हमने अपनी शक्ति खोई; और जब-जब हम एकजुट हुए, तब-तब हमने गौरव पाया। युवाओं का आह्वान करते हुए विधायक ने कहा कि आज की चुनौती तकनीकी युग में राष्ट्र चेतना को बनाए रखना है। सोशल मीडिया और एआई तकनीक का गलत उपयोग कर कुछ देशों में जनता को अपने ही शासन के खिलाफ भड़काया गया। उन्होंने कहा कि भारत में हर साल लगभग 15 लाख इंजीनियर बन रहे हैं, लेकिन 45 प्रतिशत युवाओं में रोजगार योग्य कौशल की कमी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में देश तकनीकी रूप से सशक्त हो रहा है। युवाओं का दायित्व है कि वे डिजिटल कौशल के साथ देश को वैश्विक नेतृत्व की ओर ले जाएं। डॉ. सिंह ने बताया कि सरोजनीनगर क्षेत्र में सांस्कृतिक और विकास कार्य समानांतर रूप से आगे बढ़ रहे हैं। अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमा स्थापित हो चुकी है, रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा तैयार है और उदा देवी पासी व अवंती बाई लोधी जी की प्रतिमाएँ शीघ्र स्थापित होंगी। ये प्रतिमाएँ हमारे कर्तव्यों की जीवंत प्रतीक हैं, जो हमें याद दिलाती हैं कि राष्ट्र सदा ‘मैं’ से ऊपर है।

उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के साथ-साथ नागरिकों में राष्ट्रीय चेतना का विस्तार आवश्यक है। हमें सोचना होगा कि कश्मीर घाटी हिंदू-विहीन क्यों हुई, पूर्वोत्तर में जनसंख्या संतुलन क्यों बिगड़ा और बंगाल में दुर्गा पूजा कराने में कठिनाइयाँ क्यों आईं। अवैध घुसपैठ, धर्मांतरण और पर्यावरणीय संकट जैसी चुनौतियाँ हमें स्वयं सुलझानी होंगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में भारत नवनिर्माण के पथ पर है, परंतु जब तक समाज में कर्तव्यबोध और एकता की भावना नहीं जागेगी, तब तक विकास अधूरा रहेगा। कार्यक्रम में सिंधी समाज के धर्मगुरु संतजादा साई हरीश लाल साहिब, मूर्तिकार प्रो. के.सी. बाजपेयी, समाजसेवी कौशलेंद्र द्विवेदी, सतीश अतवानी, सौरभ सिंह मोनू, राजन मिश्रा, राजीव बाजपेयी और रमा शंकर त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में नागरिक, युवा और गणमान्यजन उपस्थित रहे। विधायक ने संतजादा साई हरीश लाल साहिब और मूर्तिकार प्रो. बाजपेयी का सम्मान कर आभार व्यक्त किया।