हुनर के साथ नई राह पर बढ़ेंगी नारी बंदी
निसबड और जेल प्रशासन के संयुक्त प्रयास से दिया गया उद्यमिता कौशल प्रशिक्षण
लखनऊ। भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय द्वारा संचालित राष्ट्रीय उद्यमिता एवं लघु व्यवसाय विकास संस्थान (निसबड) तथा जेल प्रशासन एवं सुधार सेवाएं के सहयोग से नारी बंदी निकेतन में निरुद्ध महिलाओं के लिए 15 दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यक्रम एवं एक माह का फैशन डिजाइनिंग (हस्तशिल्प) आधारित उद्यमिता कौशल विकास कार्यक्रम आयोजित किया गया। मंगलवार को नारी बंदी निकेतन सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षण पूरा करने वाली प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम में निसबड के वरिष्ठ परामर्शदाता प्रदीप कुमार अरोड़ा, नारी बंदी निकेतन की अधीक्षक शुकन्या तथा उप अधीक्षक शकुंतला देवी मौजूद रहीं। अतिथियों ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण से प्राप्त हुनर का उपयोग कर भविष्य में स्वरोजगार स्थापित करने तथा आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।
इस मौके पर निसबड के वरिष्ठ परामर्शदाता प्रदीप कुमार अरोड़ा ने कहा कि उद्यमिता केवल रोजगार पाने का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रशिक्षण के दौरान सीखे कौशल का नियमित अभ्यास कर महिलाएं स्वरोजगार शुरू कर सकती हैं। नारी बंदी निकेतन की अधीक्षक सुश्री शुकन्या ने कहा कि महिलाओं को हुनरमंद बनाना उनके पुनर्वास और आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रभावी प्रयास है। हस्तशिल्प जैसे कौशल भविष्य में आर्थिक मजबूती का आधार बन सकते हैं। जबकि उपाधीक्षक शकुंतला देवी ने कहा कि प्रशिक्षण से प्रतिभागियों में नई उम्मीद और आत्मविश्वास पैदा हुआ है। महिलाएं अपने हुनर का बेहतर उपयोग कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ते हुए सम्मानजनक जीवन की ओर बढ़ सकती हैं।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को फैशन डिजाइनिंग, हस्तशिल्प, उद्यमिता की मूल अवधारणाओं, स्वरोजगार के अवसरों तथा व्यवसाय शुरू करने से जुड़ी आवश्यक जानकारियां दी गईं। प्रशिक्षण के समापन पर प्रमाण पत्र पाकर प्रतिभागियों में उत्साह दिखाई दिया। आयोजकों ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं को कौशल प्रदान करने के साथ ही उनके पुनर्वास और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
