भारी बस्ते और स्क्रीन कैद से बच्चों को बचाने की जरूरत:  डॉ. राजेश्वर सिंह

May 16, 2026 - 19:43
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भारी बस्ते और स्क्रीन कैद से बच्चों को बचाने की जरूरत:  डॉ. राजेश्वर सिंह


बच्चों के हित में डॉ. राजेश्वर सिंह का बड़ा सुझाव, भारी स्कूल बैग कम करने की उठाई मांग

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर छोटे बच्चों पर बढ़ते शैक्षणिक दबाव पर जताई चिंता

स्क्रीन टाइम कम कर आउटडोर खेल बढ़ाने की अपील

 सरोजनीनगर-लखनऊ। सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने छोटे बच्चों पर बढ़ते शैक्षणिक दबाव और भारी स्कूल बैग की समस्या को गंभीर मुद्दा बताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि 5 से 10 वर्ष तक के छोटे बच्चे प्रतिदिन अत्यधिक भारी स्कूल बैग ढोने को मजबूर हैं, जिससे उनकी रीढ़, शारीरिक विकास और मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
                        डॉ. सिंह ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्कूल बैग का वजन बच्चे के शरीर के वजन के लगभग 10 प्रतिशत से कम रखने की सिफारिश की जाती है। वहीं राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020 भी तनाव मुक्त, आनंददायक और समग्र शिक्षा व्यवस्था पर बल देती है। उन्होंने स्कूल बैग के वजन को विनियमित करने, अनावश्यक पुस्तकों और होमवर्क को कम करने तथा 10 वर्ष तक के बच्चों के लिए शैक्षणिक भार का युक्तिकरण करने की मांग की। इसी क्रम में डॉ. राजेश्वर सिंह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर बच्चों में बढ़ते स्क्रीन टाइम और मोबाइल फोन की लत को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मोबाइल, टैबलेट और डिजिटल उपकरणों का अत्यधिक उपयोग बच्चों की आंखों, मानसिक स्वास्थ्य और जीवनशैली पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है। विभिन्न अध्ययनों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2050 तक दुनिया की लगभग आधी आबादी मायोपिया (निकट दृष्टिदोष) से प्रभावित हो सकती है। उन्होंने अभिभावकों से 20-20-20 नियम अपनाने की अपील करते हुए कहा कि हर 20 मिनट स्क्रीन देखने के बाद 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर देखना चाहिए। डॉ. सिंह ने बच्चों को आउटडोर खेल, प्राकृतिक धूप, रचनात्मक गतिविधियों और स्वस्थ दिनचर्या से जोड़ने पर जोर देते हुए कहा कि स्वस्थ बचपन ही मजबूत समाज और राष्ट्र की नींव है।